जल संकट के कारण
जल संकट के निम्नलिखीत कारण है-
1. जनसंख्या विस्फोट (वृद्धि)।
2. नदियों पर बाँध।
3. वृक्षों की संख्या में कमी।
4. जलवायु परिवर्तन।
5. कारखानों का गंदा नदियों में बहाया जाना।
जल संकट के कारण
जल संकट के निम्नलिखीत कारण है-
1. जनसंख्या विस्फोट (वृद्धि)।
2. नदियों पर बाँध।
3. वृक्षों की संख्या में कमी।
4. जलवायु परिवर्तन।
5. कारखानों का गंदा नदियों में बहाया जाना।
प्रसिद्ध स्वीडिश जल संसाधन विशेषज्ञ फाल्कन मार्क के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की विभिन्न कार्यो के लिए प्रतिदिन 1000 घन मीटर से कम जल उपलब्ध होता है तो उस स्थिती को जल संकट कहा जाता है। जल ही जीवन है और पानी की हर एक बूँद कीमती है यह सर्वज्ञात है कि पृथ्वी पर पेयजल की उपस्थिती मात्र 3 प्रतिशत है। इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक होना चाहिए।आज पूरे भारत में पानी की समस्या एक व्यापक समस्या का रूप धारण कर चुकी है। भारत में पानी की कमी 30-40 साल की तुलना में 3 गुना हो गई है। देश की कई छोटी-छोटी नदियाँ सूख गई है या सूखने के कगार पर है, बङी-बङी नदियों का प्रवाह धीमा होता जा रहा है, कुएँ सूखते जा रहे है। हमारे देश के 55 से 60 फीसदी लोगो को पानी की आवश्यकता की पूर्ति भू जल द्वारा होती है लेकिन अब भू जल की उपलब्धता को लेकर भारी कमी महसूस की जा रही है। पूरे देश में भू जल का स्तर प्रत्येक साल 1 मीटर नीचे सरकता जा रहा है। भू जल के स्तर का गिरना देश के लिए चुनौती है।